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Air India Disinvestment : 18 हजार करोड़ में बिकी एअर इंडिया, टाटा सन्स को मिली कमान, रतन टाटा बोले-‘वेलकम बैक’.

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Air India Disinvestment : एअर इंडिया विनिवेश  की प्रक्रिया पूरी हो गई है. टाटा सन्स को एअर इंडिया की कमान मिली है. (Tata Sons wins bid for Air India) यह जानकारी दीपम सचिव (DIPAM Secretary) तुहिन कांत पांडे (Tuhin Kant Pandey) ने दी. एअर इंडिया की कमान मिलने के बाद चेयरमैन एमिरेटस (Chairman Emeritus) रतन टाटा (Ratan Tata) ने ट्वीट कर लिखा कि वेलकम बैक एअर इंडिया.

Air India Disinvestment : एअर इंडिया विनिवेश में टाटा सन्स (Air India Tata Sons) को जीत मिली है. टाटा सन्स की इकाई टेलेस प्राइवेट लिमिटेड (Talace Pvt Ltd) को एअर इंडिया की कमान मिल गई है. दीपम सचिव तुहिन कांत पांडे (DIPAM Secretary Tuhin Kant Pandey) ने बताया कि टेलेस ने 18 हजार करोड़ रुपये की बोली लगाई थी.

एअर इंडिया की कमान (Air India Disinvestment) मिलने के बाद चेयरमैन एमिरेटस (Chairman Emeritus) रतन टाटा (Ratan Tata Air India) ने ट्वीट कर लिखा,’ वेलकम बैक एअर इंडिया.

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टाटा सन्स को एअर इंडिया (Tata Sons Air India) सौंपे जाने को लेकर तुहिन कांत पांडे (Tuhin Kant Pandey) ने बताया कि दिसंबर, 2021 के अंत तक लेन-देन पूरा होने की संभावना है. दीपम सचिव पांडे ने बताया कि मंत्रियों की समिति ने एयर इंडिया के लिए विजेता बोली को मंजूरी दी है. उन्होंने बताया कि दो बोलीदाताओं ने वित्तीय बोलियां दी थीं, जिसमें टाटा सन्स की इकाई को सफलता मिली.

उन्होंने बताया कि सरकार को 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री के एवज में टाटा से 2,700 करोड़ रुपये नकद मिलेंगे. निवेश एवं लोक संपत्ति एवं प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव ने बताया कि टाटा की 18,000 करोड़ रुपये की सफल बोली में 15,300 करोड़ रुपये का कर्ज लेना और बाकी नकद भुगतान शामिल है.

गौरतलब है कि 1932 में जेआरडी टाटा ने एअर इंडिया की शुरुआत की थी. मगर तब इसका नाम टाटा एयरलाइन था. 15 अक्टूबर 1932 को खुद जेआरडी टाटा इसकी ( Air India Disinvestment ) पहली फ्लाइट लेकर कराची से मुंबई गए थे. 1933 में एयरलाइन ने कमर्शियल सर्विस शुरू की. पहले साल में कंपनी ने 1,60,000 मील की यात्रा की, 155 यात्रियों के साथ 9.72 टन सामान ढोया और कुल 60 हजार रुपये की कमाई की थी.

दूसरे विश्व युद्ध के बाद 29 जुलाई 1946 को टाटा एयरलाइन का नाम एअर इंडिया लिमिटेड कर दिया गया. साल 1947 में भारत सरकार ने एअर इंडिया में 49 प्रतिशत की भागीदारी ले ली. यहां से एयर इंडिया में सरकारी दखल शुरू हुआ. 1948 में एयर इंडिया ने मुंबई से लंदन के बीच इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू की. 1953 में एयर कॉरपोरेशन एक्ट (Air Corporations Act ) के तहत इसका राष्ट्रीयकरण किया गया, लेकिन जेआरडी टाटा 1977 तक इसके अध्यक्ष बने रहे.


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