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तेजस्वी का CM नीतीश पर हमला, कहा – ‘बीजेपी और आरएसएस के साथ-साथ मुख्यमंत्री भी संघी हो चुके हैं.’

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एक तरफ शिक्षा विभाग ने जेपी विश्वविद्यालय के कुलपति और रजिस्ट्रार को तलब कर उनसे पूरे मामले में सफाई मांगी है. वहीं दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Leader of Opposition Tejashwi Yadav) ने इसको लेकर बीजेपी और आरएसएस के साथ-साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) पर भी तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि सीएम संघी हो चुके हैं.

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Leader of Opposition Tejashwi Yadav) ने छपरा स्थित जयप्रकाश विश्वविद्यालय (Jaiprakash University of Chapra) में राजनीति शास्त्र के पीजी सिलेबस से लोकनायक जयप्रकाश नारायण (Lok Nayak Jayaprakash Narayan) को हटाने पर नीतीश सरकार को घेरा है. उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) अब पूरी तरह से संघी हो चुके हैं. इस प्रकरण के बाद किसी प्रमाण की भी जरूरत नहीं है.

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने अपने आवास से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हम लोग शुरू से जो कहते आ रहे हैं, अब वह प्रमाणित भी हो रहा है. उन्होंने कहा कि जिस जेपी आंदोलन से नीतीश कुमार ने अपनी राजनीति की शुरुआत की थी, आज जयप्रकाश विश्वविद्यालय से उन्हीं के नामों को सिलेबस से गायब कर दिया है. यह बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है.

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तेजस्वी ने आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह (RJD State President Jagdanand Singh) द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तालिबान से तुलना करने को भी सही ठहराया है. उन्होंने कहा कि जगदा बाबू ने ठीक ही कहा है.

 

पूर्व डिप्टी सीएम ने बीजेपी और संघ पर जोरदार हमला करते हुए कहा, ‘जहां बीजेपी की सरकार है, वहां समझिये कि सरकारी तालिबानी चल रही है और जहां नहीं है, वहां संघीय तालिबानी चल रही है.’

आपको बता दें कि आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (RJD President Lalu Prasad Yadav) ने भी इस मुद्दे को लेकर अपनी आपत्ति जताई है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ‘मैंने जयप्रकाश जी के नाम पर अपनी कर्मभूमि छपरा में 30 वर्ष पूर्व जेपी विश्वविद्यालय की स्थापना की थी. अब उसी यूनिवर्सिटी के सिलेबस से संघी बिहार सरकार और संघी मानसिकता के पदाधिकारी महान समाजवादी नेताओं जेपी-लोहिया के विचार हटा रहे हैं. जेपी-लोहिया हमारी धरोहर हैं, उनके विचारों को हटाना बर्दाश्त से बाहर है. सरकार अविलंब संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करे.’

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