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Red Brick Manufacturers: लाल ईंट-भठ्ठों के संचालन को लेकर नई गाइडलाइन, यहाँ पढ़े सारे नियम.

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Red Brick Manufacturers: प्रदेश की मिट्टी की सुरक्षा के मद्देनजर बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दो ईंट-भठ्ठों के बीच कम से कम एक किलोमीटर दूरी रखने का निर्देश दिया है। इससे मिट्टी के अंधाधुंध कटाव पर रोक लगेगी। साथ ही ईंट-भठ्ठों Red Brick Manufacturers की सरकारी अस्पताल एवं शिक्षण संस्थानों से दूरी कम से कम 800 मीटर होगी। फलदार बगीचा से भी ईंट-भठ्ठों की पर्याप्त दूरी रखी जाएगी। रेल लाइन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग से भी ईंट-भठ्ठों की दूरी 200 मीटर होनी चाहिए। किसी भी नदी, तालाब से ईंट-भठ्ठों की दूरी 500 मीटर होगी।

इसी तरह राष्ट्रीय उद्यानों के बीच कोई ईंट-भठ्ठा Red Brick Manufacturers संचालित नहीं होगा। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष डा.अशोक कुमार घोष का कहना है कि राज्य में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए ईंट-भठ्ठों के संचालन Red Brick Manufacturers की नई गाइड लाइन तैयार की गई।

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वर्तमान में प्रदेश में 5 हजार ईंट-भठ्ठों का हो रहा संचालन : Red Brick Manufacturers

वर्तमान में प्रदेश में पांच हजार ईंट-भठ्ठों का संचालन किया जा रहा है। ये ईंट-भठ्ठे पूर्व की तरह संचालित होंगे। नयी गाइड लाइन अब खुलने वाले ईंट-भठ्ठों पर लागू की जाएगी। वर्तमान में कई ईंट-भठ्ठे गंगा तट पर ही संचालित किए जा रहे हैं।

जबकि नई गाइडलाइन में गंगा- सदानीरा नदी के तट पर ईंट-भठ्ठा खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ईंट-भठ्ठों के नदी किनारे संचालित होने के नदी के भौगोलिक बनावट के साथ-साथ उसका प्राकृतिक वातावरण भी प्रभावित होता है।

 

फ्लाई एश ईंट को बढ़ावा: Red Brick Manufacturers

सरकार मिट्टी एवं वायु प्रदूषण को रोकने के लिए फ्लाई-एश ईंट को बढ़ावा देना चाहती है। इस ईंट के उपयोग से पर्यावरण को नियंत्रित करने में काफी मदद मिलती है। सरकारी भवनों के निर्माण में फ्लाई-एश का उपयोग बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।


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