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Police Tranfer New Rule: पुलिसकर्मियों के तबादले सहित कई नियमों में बड़ा बदलाव.

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Police Tranfer New Rule: अब निरीक्षक से सिपाही स्तर के पुलिसकर्मी किसी एक जिला में अधिकतम पांच वर्षो के लिए तैनात होंगे। किसी एक क्षेत्र में उनका अधिकतम कार्यकाल आठ वर्ष का रहेगा। इस समय-सीमा के समाप्त होते ही उनका दूसरे जिले और क्षेत्रों में तबादला कर दिया जाएगा। बिहार पुलिस संशोधन विधेयक-2022 में ये प्रविधान किए गए हैं। गृह विभाग के प्रभारी मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बुधवार को विधानसभा एवं विधान परिषद में संशोधन विधेयक पेश किया। दोनों सदनों से यह पारित हो गया।

 

प्रभारी मंत्री ने कहा कि राज्य के बहुमुखी विकास के कारण पुलिस-प्रशासन का काम काफी बढ़ गया है। इस विभाग में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां हुई हैं। पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता बनाए रखने एवं बेहतर कार्मिक प्रबंधन के लिए पुलिस अधिनियम में संशोधन किया गया है।

 

उन्होंने बताया कि निरीक्षक से सिपाही स्तर तक के पुलिसकर्मियों का क्षेत्र के अंदर एक जिला से दूसरे जिला में स्थानांतरण के लिए एक समिति का गठन किया जा रहा है। इसके अध्यक्ष क्षेत्रीय उप महानिरीक्षक या पुलिस महानिरीक्षक होंगे। संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक इसके सदस्य होंगे। इसी तरह इन कर्मियों का एक से दूसरे क्षेत्र तथा जिलों एवं इकाइयों में स्थानांतरण के लिए राज्य स्तर पर एक समिति का गठन किया जाएगा। राज्य सरकार के अनुमोदन से पुलिस महानिदेशक राज्य स्तरीय समिति का गठन करेंगे।

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क्या थी पहले की व्यवस्था: Police Tranfer New Rule

इससे पहले निरीक्षक से सिपाही स्तर तक के कर्मियों के जिला में किसी स्थान पर स्थानांतरण का अधिकार पुलिस अधीक्षक को था। इन कर्मियों का कार्यकाल जिला में छह वर्ष, रेंज में आठ वर्ष और जोन में 10 वर्ष था। रेंज के भीतर एक से दूसरे जिला में स्थानांतरण के लिए समिति पहले भी गठित थी। इसके अध्यक्ष उप महानिरीक्षक होते थे। अपर पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता वाली समिति एक से दूसरे जोन में स्थानांतरण के बारे में फैसला लेती थी।

 

तीन साल पहले हुआ पुनर्गठन: Police Tranfer New Rule

प्रभारी मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि पुलिस व्यवस्था में सुधार के लिए राज्य सरकार की ओर से तीन वर्ष पहले महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे। तब पांच प्रक्षेत्रों (जोन) की व्यवस्था समाप्त कर 12 क्षेत्र (रेंज) बनाए गए। इस पुनर्गठन के बाद स्थानांतरण-पदस्थापन की पुरानी व्यवस्था कारगर नहीं रह गई थी। लिहाजा, विधेयक में संशोधन कर नई व्यवस्था की गई है।


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