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Nagar Nigam Election: बड़ा ऐलान! अब इस महीने होगा नगर निकाय चुनाव.

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Nagar Nigam Election: बिहार में नगर निकाय का चुनाव समय पर नहीं हो पाया। चुनाव जून तक करा लेना था। 259 निकायों में छठ पर्व के बाद चुनाव होने की संभावना है। लेकिन, उससे पहले निकायों में चुनाव की तैयारी शुरु कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान सूची तैयार की जा रही है। इसके साथ ही नगर विकास एवं आवास विभाग ने नगर पालिका चुनाव में लगाए जाने वाले मतदान कर्मियों के भत्ता का भी निर्धारण कर दिया है। जिसमें 250 रुपए प्रति दिन भोजन पर खर्च होगा। पीठासीन पदाधिकारी और मतगणना पर्यवेक्षकों को 500 रुपए भुगतान किया जाएगा।

 

Nagar Nigam Election: बिहार के 259 निकायों में पर्षद का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी विकास कार्य प्रभावित नहीं होगा। क्योकि, नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से प्रशासक पर्षद के गठन का प्रारुप तैयार करके कैबिनेट के स्वीकृति के लिए भेजा गया है। जहां पर जुलाई के अंतिम सप्ताह तक उसपर निर्णय होने के आसार है। जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारी और तात्कालिक निकायों में कार्यरत समिति की संयुक्त टीम गठित बनायी जाएगी।

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जिसके माध्यम से चुनाव तक निकायों का कार्य संचालित होगा। इससे पहले भी पंचायतों में मुखिया का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक पर्षद के माध्यम से ही विकास कार्यों का संचालन किया गया है। जिसको देखते हुए निकायों में भी इसी आधार पर कार्य करने की तैयारी हो रही है। हालाकि, नगर पालिका कानून 2007 के तहत पहली बार निकायों की जिम्मेदारी प्रशासक और पर्षद को सौंपा जाएगा।

 

बिहार नगर पालिका अधिनियम के तहत चुनाव में देर होने पर निकायों की जिम्मेदारी प्रशासक और प्रशासक पर्षद दोनों तरह के विकल्प का प्रावधान है। लेकिन, मानसून के दौरान होने वाली बारिश को देखते हुए तात्कालिक निकायों में कार्य समिति के माध्यम से ही साफ-सफाई, जलनिकासी सहित अन्य कार्यों को करवाने की तैयारी हो रही है।

 

प्रशासक और प्रशासक पर्षद के फायदे और नुकसान: Nagar Nigam Election

स्थायी समिति के सदस्य इंद्रदीप चंद्रवंशी के मुताबिक निकायों में प्रशासक द्वारा विकास के कार्यों में पैसे खर्च करने का सीमा निर्धारित है। नगर निगम में संबंधित उच्चाधिकारी 60 लाख रुपए से अधिक पैसा खर्च नहीं कर सकते हैं। इसके साथ ही वे नई योजनाएं बनाने के भी अधिकारी नहीं है। वही पर प्रशासक पर्षद के गठन से तात्कालिक व्यवस्था की तहत ही काम होगा। नई योजनाएं बनाने के साथ ही पुरानी योजनाओं की मॉनिटरिंग होगी और आवश्यकतानुसार पैसा रिलीज किया जा सकता है।

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इस तरह से बनेगी टीम: Nagar Nigam Election

पटना नगर निगम के सशक्त स्थायी समिति के सदस्य डॉ. आशीष कुमार सिन्हा के मुताबिक प्रशासक पर्षद का स्वरूप ऐसा होगा…

 

प्रशासक पर्षद की नियुक्ति: Nagar Nigam Election

प्रशासक पर्षद की नियुक्ति के दौरान मेयर, डिप्टी मेयर, नगर आयुक्त और सशक्त स्थायी समिति के सदस्य शामिल होंगे। जबकि, नगर परिषद में अध्यक्ष के साथ ही कार्यपालक पदाधिकारी और अन्य सदस्य शामिल किया जाएगा। जिसके माध्यम से निकायों का संचालन होगा।

 

259 निकायों में छठ पर्व के बाद चुनाव होने की संभावना: Nagar Nigam Election

बिहार के 259 निकायों में छठ पर्व के बाद चुनाव होने की संभावना है। लेकिन, उससे पहले निकायों में चुनाव की तैयारी शुरु कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान सूची तैयार की जा रही है। इसके साथ ही नगर विकास एवं आवास विभाग ने नगर पालिका चुनाव में लगाए जाने वाले मतदान कर्मियों के भत्ता का भी निर्धारण कर दिया है। जिसमें 250 रुपए प्रति दिन भोजन पर खर्च होगा। पीठासीन पदाधिकारी और मतगणना पर्यवेक्षकों को 500 रुपए भुगतान किया जाएगा।

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निकायों में विकास कार्य की मॉनिटरिंग हो रही है: Nagar Nigam Election

निकायों में होने वाले विकास कार्य प्रभावित नहीं हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है। अधिकारी इसकी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। बारिश में जल-जमाव से मुक्ति और सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

-तार किशोर प्रसाद, उप मुख्यमंत्री


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