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Bihar Sand Rate: 50% महंगा हुआ बालू की बंदोबस्ती, ऑनलाइन होगी बालूघाटों की बंदोबस्ती.

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Bihar Sand Rate: कैबिनेट ने शुक्रवार को कुल 17 प्रस्ताव स्वीकृत किये। खान एवं भूतत्व विभाग के तहत बिहार बालू खनन नीति, 2019 में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। डीएम के माध्यम से सभी जिलों में बालूघाटों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरु की जाएगी। डीएम ई-निलामी-सह निविदा के माध्यम से चिन्ह्ति बालूघाटों की अगले 5 वर्ष के लिए बंदोबस्ती करायेंगे।

बालू घाटों की बंदोबस्ती शुल्क में पिछले वर्ष की तुलना में 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। सुरक्षित जमा राशि और प्रतिभूति राशि को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। सुरक्षित जमा राशि पहले भी 25 फीसदी ही थी, जिसे पिछले दिनों 10 फीसदी कर दिया गया था। अब इसे फिर से 25 फीसदी किया गया है। यह राशि देने के बाद ही बंदोबस्तधारियों की निविदा मान्य होगी। इससे अवैध खनन पर अंकुश एवं निर्माण कार्यों को सुगमता से बालू उपलब्धता के साथ सरकार को राजस्व की भी प्राप्ति होगी।

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बिहार बालू खनन नीति 2019 में संशोधन और नयी बिहार स्टार्टअप नीति 2022 को स्वीकृति दी गयी. इसके साथ ही पटना में होटल पाटलिपुत्र अशोक, बांकीपुर बस स्टैंड परिसर एवं सुल्तान पैलेस की भूमि पर 45 वर्ष की लीज पर पांच सितारा होटल के निर्माण व संचालन करने की स्वीकृति कैबिनेट से भी मिल गयी है.

बालू खनन नीति 2019 में संशोधन के तहत बालू घाटों की बंदोबस्ती अब जिलाधिकार के स्तर पर होगी. पांच साल तक बंदोबस्ती होगी. बंदोबस्त लेने वाले ठेकेदारों को पर्यावर्णीय स्वीकृति लेनी होगी. साथ ही जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर चिह्नित बालू घाटों की पांच सालों के लिए बंदोबस्ती की की स्वीकृति दी गयी.

कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव डा एस सिद्धार्थ ने बताया कि राज्य की नयी बालू खनन नीति की स्वीकृति के बाद बालू घाटों की बंदोबस्ती के शुल्क में 50% की वृद्धि की गयी है. अब बालू घाटों की बंदोबस्ती पांच सालों के लिए जिलाधिकारी द्वारा ई नीलामी सह टेंडर के माध्यम से होगी. नयी बालू खनन नीति में डाककर्ता या बंदोबस्तधारी को ही पर्यावरणीय स्वीकृति लेने की जिम्मेदारी होगी. साथ ही बंदोबस्तधारी ही माइनिंग प्लान तैयार करेंगे. नयी संशोधन नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि राशि वसूली के लिए जिलाधिकारी 21 दिनों की नोटिस जारी कर वसूली कर सकते हैं.


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