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Bihar Liquor Ban: बिहार में दोबारा शुरू होगी शराब ? राज्य के लोग शराबबंदी के पक्ष में …

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  • चाणक्य विधि विवि और एएन सिन्हा शोध संस्थान ने फरवरी से मई के बीच किया सर्वे.
  • शराबबंदी के सामाजिक-आर्थिक पहलू और जीवनस्तर पर प्रभाव को लेकर कराया गया सर्वे.
  • कानून से निम्न वर्ग को काफी फायदा, 1-3 हजार रुपये तक प्रतिमाह बढ़ी इनकी आमदनी.
  • सर्वे में शामिल 62 ने माना, पुलिस की ओर से उतनी सख्ती नहीं हुई जितनी होनी चाहिए.
  • 80 ने माना, देर शाम महिलाएं न केवल घर से निकल रहीं बल्कि व्यवसाय भी कर रहीं.
  • सर्वे के मुताबिक, राज्य के मात्र 13.8 प्रतिशत लोग ही शराबबंदी कानून के विरोध में दिखे.
  • राज्य के 8 जिला, 40 प्रखंड, 80 ग्राम पंचायत के चार हजार परिवारों के बीच किया गया सर्वे.
  • उत्पाद आयुक्त के मुताबिक, जल्द 38 जिलों के 1 लाख घरों में शराबबंदी को लेकर होगा सर्वे.

Bihar Liquor Ban: बिहार के 80 प्रतिशत लोग शराबबंदी कानून के पक्ष में हैं। महिलाएं तो लगभग शत-प्रतिशत शराबबंदी से खुश हैं। लोगों के जीवन स्तर पर भी इसका सकरात्मक प्रभाव पड़ा है। निम्न वर्ग की आर्थिक स्थिति न केवल शराबबंदी से बेहतर हुई है, बल्कि उनकी आमदनी भी बढ़ी है। हालांकि 13.8 प्रतिशत लोग शराबबंदी कानून के विरोध में दिखे। Bihar Liquor Ban

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मद्यनिषेध विभाग की इजाजत के बाद चाणक्य विधि विश्वविद्यालय (पंचायती राज) और एएन सिन्हा सामाजिक शोध संस्थान के जरिए कराए गए सर्वे में यह बात सामने आई है। सर्वे का उद्देश्य शराबबंदी के सामाजिक और आर्थिक पहलू के साथ लोगों के जीवन स्तर पर पड़े इसके प्रभाव को जानना था। Bihar Liquor Ban

उत्पाद आयुक्त बी कार्तिकेय धनजी ने सोमवार को पटना के एक होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि फरवरी से मई के बीच राज्य में यह सर्वे कराया गया। सर्वे में जो बातें उभर कर आईं उसके तहत शराबबंदी का लोगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। निम्न वर्ग के लोगों के जीवन स्तर में काफी सुधार हुआ है। उसकी आमदनी 1-3 हजार रुपये प्रतिमाह के बीच बढ़ी है। लोग खान-पान और बच्चों की शिक्षा पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं। जल्द ही सभी 38 जिलों में एक लाख घरों में सर्वे कराया जाएगा। Bihar Liquor Ban

एएन सिन्हा सामाजिक शोध संस्थान के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विप्लव ने बताया कि यह सर्वे राज्य के आठ जिलों- पूर्वी चंपारण, जमुई, मधुबनी, कटिहार, किशनगंज, बक्सर, गया और पटना जिले में किए गए। प्रत्येक जिले के 5 प्रखंड की 80 ग्राम पंचायत के 500 परिवारों के बीच आंकड़ा संग्रहित किया गया। कुल 94 तरह के सवाल लोगों से पूछे गए। 54 प्रतिशत महिलाएं जबकि 46 प्रतिशत पुरुषों से यह सैंपल इकट्ठा किए गए हैं। सर्वे के लिए 4-4 लोगों की कुल 8 टीमें बनाई गई थीं। Bihar Liquor Ban

 

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पुलिस की सख्ती बढ़नी चाहिए : Bihar Liquor Ban

सर्वे में शराबबंदी कानून का पालन कराने को लेकर भी सवाल पूछे गए थे। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान 62 प्रतिशत लोगों का कहना था कि पुलिस को जितनी सख्ती से इसे लागू करने के लिए काम करना चाहिए उतना नहीं हो रहा। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि छोटे धंधेबाजों पर तो कार्रवाई हो रही पर बड़े अब भी उतनी संख्या में नहीं पकड़े जा रहे। Bihar Liquor Ban


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