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Big Scam : एक साल में ही उखड़ने लगा 9 करोड़ की लागत से बना समस्तीपुर का वरुणा पुल.

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समस्तीपुर – पटना राजमार्ग पर 9 करोड़ की लागत से बनी वरुणा पुल को तैयार करने में 15 साल से अधिक का समय लगा, यह पुल उद्घाटन के पूर्व ही उखड़ने लगा है.

 

बिहार में जिस पुल को तैयार करने में 15 साल से अधिक का समय लगा, वह पुल महज एक साल में ही उखड़ने लगा है। समस्तीपुर – पटना राजमार्ग पर 9 करोड़ की लागत से बनी वरुणा पुल उद्घाटन के पूर्व ही उखड़ने लगा है। इससे यहाँ के लोगों को यह चिंता सताने लगी है कि समय से पहले ही पुल क्षतिग्रस्त हो जाने से पुनः पहले की तरह कष्ट न उठाना पड़े।

बता दें कि वर्ष 2006 में इस पुल के निर्माण की अनुमानित लागत 6 करोड़ थी जो तैयार होते होते 9 करोड़ की हो गयी। आखिरकार 2018 के अंत में वरुणा पुल बनकर तैयार हो पायी। अभी इस पुल को बने करीब एक साल ही हुआ है कि जगह-जगह से इसकी गिट्टियां उखड़ने लगी है, आरसीसी के अंदर सरियाओं का जाल टूटने लगा है। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

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विदित हो कि समस्तीपुर जिला मुख्यालय से जंदाहा होते हुए राजधानी पटना से जोड़ने के लिए एनएच 322 पर वरुणा पुल का निर्माण कराया गया था। जो एक साल से अधिक समय से बन कर तैयार है। इस पुल के निर्माण के लिए समस्तीपुर से पटोरी तक के जनप्रतिनिधियों ने इसके लिए वर्षों आंदोलन किया था। जिसके बाद 2006 में पहली बार निर्माण के लिए टेंडर हुआ। जिसे 2007 की बाद के बाद बिना कोई कारण संवेदक ने पुल बनाने सेअपना हाथ खींच लिया। फिर 2008 में नए सिरे से निर्माण के लिए टेंडर कराया गया। तीन साल में तीन फुट भी पुल निर्माण नहीं होने से 2009 के सरायरंजन के विकास यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री से शिकायत की गई।

उसके बाद 2010 में तीसरी बार फिर से 9 करोड़ में वरुणा पुल निर्माण के लिए टेंडर कराया गया। पटना के एक संवेदक द्वारा निर्माण कार्य शुरू कराए जाने के बाद पुल के नीचे पहाड़ निकलने से कई वर्षों के बाद कोलकाता से अभियंता मंगा कर पहाड़ काटने के बाद पुल का निर्माण शुरू हुआ। फिर अचानक निर्माण के दौरान आर्टिजन बेल निकल जाने से अंदर से पानी का आना रुक नहीं रहा था। जिस कारन एक बार फिर इस पुल का कार्य बाधित हुआ। एक बार फिर संपूर्ण देश के अनुभवी अभियंताओं को बुलाकर किसी प्रकार से आर्टिजन बेल को बंद कर पुल निर्माण शुरू किया गया।

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आखिरकार 2018 के अंत में वरुणा पुल बनकर तैयार हो पायी। तब से पुल के उद्घाटन की प्रतीक्षा की जा रही है। अभियंताओं द्वारा स्वीकृति नहीं मिलने के कारण अब तक इसका उद्घाटन नहीं हो सका है। इस बीच विगत एक वर्ष से इसकी ढलाई उखड़ रही है। अब इस पुल से गुजरना अपनी जान जोखिम में डालने जैसा है।


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