Follow Us On Goggle News

Bihar Panchayat Election : बिहार पंचायत चुनाव पर बड़ी खबर, टीकाकरण से वंचित रह गए लोग भी डाल सकेंगे वोट.

इस पोस्ट को शेयर करें :

बिहार में पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई है. 11 चरण में 255022 पदों के लिए चुनाव होगा. दो या दो से अधिक बच्चों के माता-पिता भी चुनाव लड़ सकेंगे और वोट डाल सकेंगे. टीकाकरण से वंचित रह गए लोग भी वोट डाल सकेंगे.

बिहार में अधिसूचना (Notification) जारी होते ही पंचायत चुनाव (Panchayat Election) की डुगडुगी बज गई है. इसके साथ ही आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) भी लागू हो गई है. 11 चरण में होने वाले पंचायत चुनाव में पहली बार ईवीएम (EVM) का इस्तेमाल होगा. वोट 24 सितंबर, 29 सितंबर, 8 अक्टूबर, 20 अक्टूबर, 24 अक्टूबर, 3 नवंबर, 15 नवंबर, 24 नवंबर, 29 नवंबर, 8 दिसंबर और 12 दिसंबर को डाले जाएंगे.

मुखिया के 8072, ग्राम पंचायत सदस्य के 113307, पंचायत समिति सदस्य के 11104, जिला परिषद सदस्य के 1160, ग्राम कचहरी सरपंच के लिए 8072 और पंच के लिए 113307 पदों पर चुनाव होंगे. कुल 255022 पदों के लिए वोट डाले जाएंगे. 8072 पंचायतों में 1,13,891 बूथ बनाए गए हैं. 6 करोड़ 38 लाख 94 हजार 737 मतदाता चुनाव में शामिल होंगे. इनमें 3,35,80,487 पुरुष, 3,03,11,779 महिला और 2,471 अन्य मतदाता हैं.

यह भी पढ़ें :  Bihar Panchayat Chunav 2021 : समस्तीपुर सहित बिहार के 34 जिलों में दूसरे चरण का मतदान जारी, मतदान में महिलाएं सबसे आगे.

पहले चरण में 10 जिलों के 12 प्रखंडों में मतदान होंगे. दूसरे चरण में 32 जिलों के 48 प्रखंडों, तीसरे चरण में 33 जिलों के 50 प्रखंडों, चौथे चरण में 36 जिलों के 53 और पांचवें चरण में 38 जिलों के 58 प्रखंडों में वोट डाले जाएंगे. वहीं, छठे चरण में 37 जिलों के 57 प्रखंडों, सातवें में 37 जिलों के 63 प्रखंडों व आठवें चरण में 36 जिलों के 55 प्रखंडों में मतदान होगा. नौवें चरण में 33 जिलों के 53 प्रखंडों और 10वें चरण में 34 जिलों के 53 प्रखंडों में मतदान होंगे. 11वें और अंतिम चरण के मतदान में बाढ़ प्रभावित 20 जिलों के 38 प्रखंडों के मतदाता शामिल होंगे.

दो या दो से अधिक बच्चों के माता-पिता भी चुनाव लड़ सकेंगे और वोट डाल सकेंगे. टीकाकरण से वंचित रह गए लोग भी वोट डाल सकेंगे. चुनाव के दौरान कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन होगा. बिहार में पहली बार ईवीएम और बैलेट पेपर दोनों से मतदान कराया जाएगा. हर बूथ पर करीब छह मतदान कर्मी तैनात रहेंगे.

मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य का चुनाव ईवीएम से होगा. पंच और सरपंच का चुनाव बैलेट पेपर से होगा. एक सीट बैलेट पेपर में अधिकतम 16 उम्मीदवारों के नाम होंगे. 16 से कम उम्मीदवार होने पर नीचे के पैनल को खाली रखा जाएगा. 16 से अधिक उम्मीदवार होने पर उसे बैलेट पेपर शीट- 2 पर अंकित किया जाएगा. एक मतदान केंद्र पर 850 मतदाता होंगे साथ ही सभी बूथों पर 4 ईवीएम रखे जाएंगे.

यह भी पढ़ें :  Bihar Panchayat Chunav : बिहार पंचायत चुनाव को लेकर ने जारी हुआ नया आदेश, जानिए इसमें क्या है खास.

मुखिया, सरपंच और पंचायत समिति पद के लिए नामांकन दाखिल करने के लिए उम्मीदवार को 1-1 हजार रुपये की फीस देनी होगी. जिला परिषद पद के लिए फीस 2 हजार रुपये है. इसी तरह पंच और वार्ड सदस्य के लिए 250-250 रुपये देना होगा. महिला, अनुसूचित जाति जनजाति और पिछड़े वर्ग के लिए सभी पदों पर नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए तय शुल्क से आधा पैसा देना होगा. आरक्षित सीटों पर नामांकन के लिए सक्षम पदाधिकारी द्वारा निर्गत जाति प्रमाण पत्र ही मान्य होगा. नाम निर्देशन पत्र के साथ जाति प्रमाण पत्र संलग्न करना जरूरी होगा.

मतदान के दौरान वोटरों को लुभाने वाले उम्मीदवारों और उनके समर्थकों पर सख्त कार्रवाई होगी. मतदाताओं को वाहन से लाने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा. आयोग पंचायत चुनाव में अवैध शराब के इस्तेमाल को लेकर भी सख्त है. किसी भी उम्मीदवार द्वारा न तो गैर कानूनी शराब खरीदी जाएगी और ना ही उसे किसी को पेश या वितरित किया जाएगा. प्रत्येक उम्मीदवार को अपने कार्यकर्ताओं को भी ऐसा करने से रोकना होगा. इन आदेशों का पालन सभी उम्मीदवारों को करना अनिवार्य है.

यह भी पढ़ें :  Bihar Crime : बेतिया में शराब धंधेबाज को छुड़ाने के लिए पुलिस पर हमला, ग्रामीण और परिजनों ने बरसाए ईंट-पत्थर.

मतदाताओं को रिश्वत देने पर कार्रवाई होगी. चुनाव आयोग के अनुसार उम्मीदवारों को ऐसे सभी कार्यों से परहेज करना चाहिए जो बिहार पंचायती राज अधिनियम 2006 के तहत अपराध घोषित हो. इस नियम के अनुसार चुनाव के दौरान किसी भी पोस्ट, इश्तेहार, पंपलेट या परिपत्र पर प्रिंटर का नाम और पता होना अनिवार्य है. पंचायती राज अधिनियम 2006 के तहत किसी भी उम्मीदवार के बारे में उसके चरित्र या व्यक्तिगत आचरण पर किसी तरह की अभद्र टिप्पणी करना भी आपराधिक मामला होगा. किसी भी उम्मीदवार के संबंध में समाचार पत्र या टेलीविजन में गलत खबर छपवाना भी आपराध की श्रेणी में आयेगा.


इस पोस्ट को शेयर करें :

You cannot copy content of this page