Follow Us On Goggle News

Science Today : आ गई वह तारीख जिस दिन पूरी तरह जलकर राख हो जाएगा सूरज, जानिए फिर क्या होगा?

इस पोस्ट को शेयर करें :

Science Today : यह सोचकर ही डर लगता है कि जब हमारा सूरज खत्म हो जाएगा तो हमारा क्या होगा! लेकिन अब वैज्ञानिकों ने खुलासा कर दिया है कि हमारा सूरज किस दिन पूरी तरह जलकर राख हो जाएगा.

Science Today : हार्वर्ड कॉलेज ऑब्जर्वेटरी, स्मिथसोनियन एस्ट्रोफिजिकल ऑब्जर्वेटरी और द सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स के वैज्ञानिकों ने बताया कि आने वाले 5 बिलियन सालों में हमारा सूरज पूरी तरह ठंडा हो जाएगा. वैज्ञानिकों ने यह भी बताया कि सूरज अभी अपनी मध्यावस्था में है.

वैज्ञानिकों ने सूरज में हो रहे न्यूक्लियर रिएक्शन के हिसाब से इस तारीख का आंकलन किया है. इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे वैज्ञानिक पाओला टेस्टा ने बताया कि ये कैलकुलेशन न्यूक्लियर रिएक्शन के आधार पर किया गया है.

 

sun 1 Science Today : आ गई वह तारीख जिस दिन पूरी तरह जलकर राख हो जाएगा सूरज, जानिए फिर क्या होगा?

 

पाओला टेस्टा ने बताया कि साल 1930 से पहले माना जाता था सूरज की शक्ति ग्रैविटेशनल फोर्स से आती है. लेकिन वैज्ञानिकों को अब न्यूक्लियर पॉवर के बारे में पता चला है. हालांकि विज्ञान अभी भी कई सारी बातों के बारे में जान नहीं पाया है.

यह भी पढ़ें :  Surya Grahan 2022 : आज लग रहा है साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानिए भारत में कहां-कहां और कितने बजे दिखाई देगा.

पाओला टेस्टा ने बताया कि सूरज फिलहाल न्यूक्लियर एनर्जी से जलता है. जिस दिन न्यूक्लियर एनर्जी खत्म हो जाएगी, उसी दिन हमारा सूरज पूरी तरह जलकर राख हो जाएगा और इसका अस्तित्व खत्म हो जाएगा.

 

sun 2 Science Today : आ गई वह तारीख जिस दिन पूरी तरह जलकर राख हो जाएगा सूरज, जानिए फिर क्या होगा?

 

वैज्ञानिकों ने अपने रिसर्च में यह भी बताया कि जिस दिन सूरज खत्म होगा, उसी दिन हमारी पृथ्वी का भी अंत हो जाएगा. वैज्ञानिकों के अनुसार, ऐसा इसलिए होगा क्योंकि पृथ्वी अपने सर्वाइवल के लिए सिर्फ सूरज पर निर्भर है. हालांकि ऐसा होने में 5 बिलियन साल बाकी हैं.

वैज्ञानिकों के अनुसार, हम सूरज को शक्ति का मुख्य स्रोत मानते हैं. हमारे सोलर सिस्टम का सेंटर सूरज ही है लेकिन ब्रम्हांड में सूरज से भी कई गुना बड़े तारे हैं. कई तारे तो सूरज से 100 गुना बड़े हैं.


इस पोस्ट को शेयर करें :

You cannot copy content of this page